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ShodhPatra: International Journal of Science and Humanities

ShodhPatra: International Journal of Science and Humanities

A Peer-Reviewed & Refereed International Multidisciplinary Monthly Journal

Call For Papers - Volume - 3 Issue - 8 (August 2026)
Paper Title

‘फूलाबाई’ का दर्द: मुहब्बत कहानी की करुण गाथा

Author(s) डॉ. पी. एम. भुमरे.
Country India
Abstract

मुहब्बत’ इस कहानी के लेखक जगदंबा प्रसाद दीक्षित है । फूलाबाई के जीवन पर लिखी उनकी इस कहानी में गरीबी, भूख की समस्या और देह व्यापार करने वालों के प्रति सामाजिक सोच को उजागर करती है। साथ ही फुलाबाई का जीवन संघर्ष, सामाजिक अपेक्षा और तिरस्कार का चित्रण करते हुए यह दिखाया गया है कि, फुलाबाई केवल अपनी पहचान के कारण भेदभाव का सामना करती हैं। फूलाबाई के प्रति समाज में समान दृष्टि से देखा नहीं जाता जिससे उसके मन में पीड़ा, अकेलापन और उपेक्षा की भावना जन्म लेती है । इसके बावजूद वे अपने भीतर प्रेम, करुणा और मानवीय संवेदनाओं को जीवित रखती हैं। कहानी की मुख्य पात्र फूलाबाई जो पचपन साल की है जो एक गरीब , बेसहारा स्त्री है । फूलाबाई गरीबी से बेबस है जहां पर काम करती है वहां पर मालिकों द्वारा शोषण होता है साथ ही मजबूरन उसे वेश्या व्यवसाय में धकेल दिया जाता है । फूलाबाई आर्थिक तंगी का सामना करते हुए इस दलदल से बाहर निकलने की कोशिश भी करती है, अपना घर बसाना चाहती है। परंतु उसे किसी का भी साथ नहीं मिलता। अर्थात उसे सामाजिक स्वीकृति नहीं मिलती। इस कारण अकेलापन और मानसिक और शारीरिक पीड़ाओं के दर्द को झेलते हुए अस्पताल में उसकी मृत्यु हो जाती है।

Keywords फूलाबाई के जीवन की त्रासदी, सामाजिक भेदभाव, शोषण, आर्थिक तंगी की समस्या, पहचान का संघर्ष, फूलाबाई की व्यथा ,सामाजिक की स्थिति ,मुहब्बत’, फूलाबाई की उपेक्षा । बेसहारा स्त्री
Subject Area Humanities
Issue Volume 3, Issue 8 (August 2026)
Published 2026/08/05
How to Cite पी. एम. भुमरे (2026). ‘फूलाबाई’ का दर्द: मुहब्बत कहानी की करुण गाथा. ShodhPatra: International Journal of Science and Humanities, 3(8), 11–14. https://doi.org/10.70558/SPIJSH.2026.v3.i8.45872
DOI 10.70558/SPIJSH.2026.v3.i8.45872

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